शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कंपनी Vs मोदी सरकार का निजीकरण

प्रथम निवेदन ...
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लोकतंत्र ही किसी भी सरकार का सबसे मजबूत विपक्ष है और देश के राष्ट्रीय संस्थानों का #निजीकरण लोकतंत्र रूपी विपक्ष के खिलाफ किसी भी सरकार की सबसे ख़तरनाक साजिश है।

जरा सोचिए ...

निजीकरण से, बेरोजगारी की पीड़ा झेल रहे शिक्षित युवाओं की निरंतर बढ़ती आत्महत्या, रोजगार के नाम पर लूट तथा शारीरिक मानसिक एवं आर्थिक शोषण एवं देश के सभी वर्गों में असमानता की गहराती खाई और बढ़ती जाएगी और शनैः शनैः पूंजीवादी शक्तियां संपूर्ण भारतीय लोकतंत्र पर कब्जा कर लेंगी और देश को उनकी गुलामी स्वीकार करनी ही पड़ेगी।

इसके लिए हमें अपने इतिहास में उल्लेखित अंग्रेजों की #EastIndiaCompany की व्यापारिक गतिविधियों को लोकतंत्र के कब्जे के रूप में उपयोग करने की नीतियों को वर्तमान परिदृश्य से आमेलित कर पुनः पढ़ने एवं समझने की आवश्यकता आन पड़ी है।

इसलिए इस सुनामी को देश के प्रत्येक युवा, किसान  छोटे व्यापारी एवं आम नागरिकों को आगे आकर रोकना ही होगा।

ध्यान रहे !
हमारा यह लोकतंत्र, देश के नागरिकों को अमर शहीदों द्वारा दी गई अमानत है जिसे बचाना देश के हर नागरिक का फर्ज है और धर्म भी ...

जय हिन्द 🇮🇳

~प्रदीप कुमार द्विवेदी की 🖋️ से

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